सद्गुरु लक्षण

0 टिप्पणीहरू 796 आगन्तुकहरू

मोक्ष यात्रामा सद्गुरु आश्रयलाई साधनाको एक विशिष्ट अंग मानिन्छ । मोक्ष प्राप्त गरिसकेका सद्गुरुका लक्षणहरू कस्ता हुन्छन् ? तलका श्लोकहरूमा व्याख्या गरिन्छ –

श्रोत्रियोऽवृजिनोऽकामहतो यो ब्रह्मवित्तमः ।।३४।।
ब्रह्मण्युपरतः शान्तो निरिन्धन इवानलः ।
अहैतुकदयासिन्धुर्बन्धुरानमतां सताम् ।। ३५ ।।
तमाराध्य गुरुं भक्त्या प्रह्वप्रश्रयसेवनैः ।
प्रसन्नं तमनुप्राप्य पृच्छेज्ज्ञातव्यमात्मनः ।।३६।।

जुन महात्मा श्रोत्रिय (वेद ज्ञान बेत्ता), पापरहित, निष्काम, श्रेष्ठब्रह्मवेत्ता, ब्रह्मनिष्ठ, इन्धनरहित अग्निजस्तै शान्त, अकारण दयासागर, शरणागत भक्तहितैषी हुनुहुन्छ, त्यस्ता गुरुदेवको विनम्र सेवा र भक्तिपूर्वक आराधना गर्दै, गुरु प्रसन्न भएपछि समीपमा गएर आफ्ना प्रश्नहरू राख्नुपर्दछ । ।।३४।३५।३६।।

साधन चतुष्ट्यमा पारंगत भइसकेका मुमुक्षु, वेदज्ञानवेत्ता, ब्रह्माज्ञानी, पापरहित, ब्रह्मवेत्ताहरूमा विशिष्ट (ब्रह्मश्रेष्ठ) जसको शान्त हृदयमा अकारण करूणाको धारा प्रवाहित भइरहेको हुन्छ, यस्ता भक्तहितैषी सद्गुरुको शरणमा जानुपर्दछ । गुरुदेवको विनम्र सेवा र भक्तिपूर्वक आराधना गरी आफ्ना जिज्ञासाहरू राख्नुपर्दछ ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


CAPTCHA Image
Reload Image

पुराना लेखहरु

लेखहरु प्रकाशित मिति आगन्तुकहरू टिप्पणीहरू
किन महासतिपवान मात्र सत्यमोक्ष साधना हो ? 08 poush 2079 792 0
मंगलाचरण 1/15/2023 767 0
मुक्तिको दुर्लभता 1/15/2023 666 0
मनुष्य जन्मको दुर्लभता 1/15/2023 914 0
विचारको महङ्खव 1/15/2023 635 0
शिष्य लक्षण 1/15/2023 792 0
साधन–चतुष्टय 1/15/2023 1779 0
वैराग्य र मुमुक्षताको महङ्खव 1/15/2023 758 0
शिष्य प्रार्थना 1/15/2023 885 0
गुरु कर्तव्य 1/15/2023 875 0
1/15/2023 615 0
शिष्य प्रशंसा 1/15/2023 698 0
मोक्षमा स्वप्रयत्नको प्रधानता 1/15/2023 709 0
शास्त्र अध्ययनको मिथ्यात्व 1'/15/2023 774 0
अपरोक्षानुभवको आवश्यकता 731 0
स्थूल शरीरको व्याख्या 1/15/2023 1087 0
विषयविन्दा 1/15/2023 758 0
देहाशक्तिको निन्दा 1/15/2023 689 0
स्थूल शरीर निन्दा 1/15/2023 882 0
दश इन्द्रियहरू 1/15/2023 1122 0
अन्तःकरण चतुष्ट्य 1/15/2023 993 0
पञ्चप्राण 1/15/2023 900 0
सूक्ष्म शरीर वर्णन 1/15/2023 939 0
प्राणको धर्म 1/15/2023 592 0
अहंकार 1/15/2023 705 0
आत्माको परम प्रेमास्पदता 1/15/2023 594 0
माया वर्णन 1/15/2023 1380 0
रजोगुण 1/15/2023 720 0
तमोगुण 1/15/2023 626 0
सङ्खवगुण 1/15/2023 725 0
कारण शरीर 1/15/2023 868 0
आत्मा–निरूपण 1/15/2023 698 0
अध्यास 1/15/2023 892 0
आवरण र विक्षेपशक्ति 1/15/2023 852 0
बन्ध निरूपण 1/15/2023 642 0
अन्नमय कोश 1/15/2023 722 0
प्राणमय कोश 1/15/2023 724 0
मनोमय कोश 1/15/2023 661 0
विज्ञानमय कोश 1/15/2023 734 0
मुक्ति कसरी प्राप्त हुन्छ ? 1/15/2023 810 0
आनन्दमय कोश 1/15/2023 590 0
आत्मस्वरूप विषयक प्रश्न 1/15/2023 635 0
आत्मस्वरूप निरूपण 1/15/2023 697 0
ब्रह्मा र जगत्को एकता 1/15/2023 565 0
जगत्को मिथ्यात्व 1/15/2023 707 0
ब्रह्म निरूपण 1/15/2023 907 0
महावाक्य – विचार 1/15/2023 798 0
ब्रह्मा–भावना 1/15/2023 756 0
वासना त्याग 1/15/2023 793 0
अध्यास निराकरण 1/15/2023 844 0
अहंपदार्थ निरूपण 1/15/2023 686 0
अहंकार – मुख्यवाधा 1/15/2023 606 0
क्रिया, चिन्ता, र वासना त्याग 1/15/2023 622 0
प्रमाद – निन्दा 1/15/2023 726 0
अविद्याको स्थिति 1/15/2023 720 0
आत्म निष्ठाबाट सर्वात्मभाव 1/15/2023 683 0
समाधिद्वारा विकल्पको नाश 1/15/2023 771 0
ध्यानद्वारा परमात्मभावको प्राप्ती 1/15/2023 796 0
निर्विकल्प समाधिको महङ्खव 1/15/2023 658 0
समाधि – प्राप्तिको उपाय 1/15/2023 736 0
वैराग्य र मुमुक्षुताको आवश्यकता 1/15/2023 679 0
ध्यान विधि 1/15/2023 654 0
आत्म दृष्टि 1/15/2023 733 0
ब्रह्ममा भेदको अभाव 1/15/2023 708 0
आत्म चिन्तनको उपदेश 1/15/2023 644 0
शरीर उपेक्षा 1/15/2023 633 0
आत्मज्ञानको फल 1/15/2023 718 0
जीवनमुक्तको लक्षण 1/15/2023 721 0
प्रारब्ध कर्म विचार 744 0
प्रारब्ध निराकरण 1/15/2023 701 0
नानात्व – निषेध 1/15/2023 761 0
वेदान्त – सिद्धान्तको सार 1/15/2023 816 0
बोधोपलब्धी 1/15/2023 680 0
शिष्यको अनुभव 1/15/2023 779 0
सद्गुरूप्रति कृतज्ञता 1/15/2023 892 0
गुरुको अन्तिम उपदेश 1/15/2023 1099 0
आत्माको अविनाशिता 1/15/2023 1167 0
परमार्थता 1/15/2023 1700 0
शिष्य बिदाइ 1/15/2023 1420 0
अनुवन्ध – चतृष्टय 1/15/2023 36037 0